पोस्टमार्टम के दौरान निकाल ली आंख!

हाईकोर्ट ने मुखर्जी नगर स्थित राजन बाबू क्षय रोग अस्पताल में मृत कैदी की आंख की पुतली व कान का आधा हिस्सा गायब होने के मामले को गंभीरता से लिया है।

अदालत ने रोहिणी कोर्ट के मजिस्ट्रेट को तीन सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस कैलाश गंभीर व न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर की खंडपीठ ने कहा यह काफी गंभीर मामला है।

जस्टिस कैलाश ने संबंधित मजिस्ट्रेट को वरीयता के आधार पर पूरे मामले की जांच कर 17 जनवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने मजिस्ट्रेट को उक्त अस्पताल के शवगृह का भी निरीक्षण कर उसकी हालत का जायजा लेने का निर्देश दिया है।

अदालत ने क्षेत्रीय थानाध्यक्ष को भी निर्देश दिया कि इस दौरान वे मजिस्ट्रेट के साथ रहेंगे। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील सुनील शर्मा ने बताया कि दहेज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी राजकुमार की 9 दिसंबर 2013 को अस्पताल में मौत हो गई थी।

राजकुमार के शव को शवगृह में रख दिया गया व अगले दिन जहांगीरपुरी स्थित बाबू जगजीवन राम अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। इसी दौरान पाया गया कि राजकुमार की दाईं आंख की पुतली व दाएं कान का नीचे का आधा हिस्सा गायब है।

राजकुमार का इलाज कर रहे वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि जब शव को शवगृह भेजा गया उस समय उसकी दोनों आंख ठीक थीं।

आखिरकार राज कुमार का 11 दिसंबर को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम किया गया। उन्होंने कहा मामले की जांच जारी है और संबंधित मजिस्ट्रेट पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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